whatsapp मैसेज देख बीवी शॉक्ड, बताई शौहर के अत्याचार की कहानी


सिद्धार्थनगर. यहां एक शख्‍स दहेज न मिलने पर पत्‍नी और दो मासूम बच्‍चों को छोड़कर विदेश चला और वहां से वॉट्सऐप पर तलाक दे दिया। मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं, मौलाना भी इस तलाक को जायज नहीं मान रहे हैं। एडिशनल एसपी मंशा राम गौतम ने कहा कि इस मामले में कार्रवाई की जा रही है। क्‍या है पूरा मामला...
- सिद्धार्थनगर महादेवा टाउन के रहने वाले युवक फरीद अहमद और तस्नीम खान की शादी पांच साल पहले हुई थी।
- मायके वालों के अनुसार, शादी के बाद से ही फरीद के घर वाले दहेज की मांग कर रहे थे।
- तस्नीम जब इसकी शिकायत मायके में करती तो धीरे-धीरे सब कुछ ठीक हो जाने की बात कह कर मायके के लोग उसे समझा देते।
- दोनों पक्षों में बात बढ़ती रही। ससुराल वाले तस्नीम को मारने-पीटने लगे।
- इसी दौरान फरीद के घरवालों ने तस्नीम के भाइयों को भी मारा-पीटा, जिसका मामला थाने में दर्ज है।
- मैथमेटिक्स में पीएचडी फरीद ने तस्नीम को बहलाया और विदेश जाकर उसे भी साथ रखने का हवाला दिया।
- मुकदमा के दौरान फरीद पासपोर्ट बनवाकर विदेश चला गया।
- तस्नीम की मानें तो उसका पति सऊदी अरब के एक यूनिवर्सिटी मे मैथमेटिक्स का लेक्चरर है।
- विदेश में सैटल होने के बाद उसने वॉट्सऐप पर तलाक लिखकर भेज दिया।
- यह देख वो शॉक्ड रह गई। उसका कहना है कि सबकुछ तो दे दिया, समझौता हो चुका था, फिर उसने ऐसा क्यों किया।
- अब वह अपने एक विकलांग बेटे और एक दुधमुंही बच्ची को लेकर भटक रही है।
क्या कहती है पीड़िता
- तस्‍नीम ने बताया कि निकाह के बाद से ही दहेज की मांग की जाती रही।
- लाखों रुपए दहेज के रूप में दिया, इसके बावजूद वे संतुष्ट नहीं हुए।
- तस्नीम के शौहर को पढ़ाया लिखाया।
- बाद में कुछ बन जाने पर तस्नीम की प्रताड़ना और तेज हो गई।
- उसे और उसकी बहन को पीटा गया।
- कई बार समाज के लोगों ने समझौता कराया, लेकिन उस समझौते को वे नहीं माने।
- परेशान होकर सिद्धार्थनगर में केस दर्ज कराया गया।
- पुलिस वाले भी उसकी गुहार नहीं सुन रहे हैं।
- मामला पुलिस में है इसके बावजूद फरीद भारत आता है और चला जाता है।
- तस्नीम ने अपने पति फरीद के पासपोर्ट को निरस्त करने की प्रार्थना पुलिस को दे रखा है। इसके बावजूद उस पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
- उसका कहना है कि बच्चों को लेकर अब वो कहां जाए। उसको न्याय चाहिए।
मौलाना बोले- तलाक जायज नहीं
- मौलाना व इस्लामिक मामलों के जानकार हाफि‍ज अब्दुल्ला इस तलाक को एक सिरे से नाकार रहे हैं।
- उनका साफ तौर पर कहना है कि इस तरह तलाक एक बार लिखकर दिया गया है, जबकि तलाक की आवाज कानों तक पहुंंचनी चाहिए।
- वैसे इस्लामिक कानून के मुताबिक भी तलाक तीन बार कहा जाता है।
- इसमें कम से कम छह महीने का समय लगता है।
- पहली बार तलाक कहने के तीन महीने 10 दिन बाद ही दूसरा तलाक दिया जा सकता है।
क्या कहते हैं जिले के एडिशनल एसपी
- जिले के एडिशनल एसपी मंशाराम गौतम ने कहा कि जब मामला प्रकाश में आया तो पासपोर्ट का केस प्रोसेस में था।
- इस बीच नियमानुसार काउंसिलिंग चल रही थी।
- काउंसिलिंग के बीच में ही उसका पासपोर्ट बन गया और वह सऊदी अरब चला गया।
- सऊदी जाने के बाद केस दर्ज कराया गया।
- अब उन्होंने फरीद के पासपोर्ट के निरस्तीकरण के लिए पासपोर्ट अधिकारी को लिखा है।


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