प्रेमी के लिए बेटी ने किए थे 7 मर्डर, इस भतीजे का गला घोंटते कांपे थे हाथ


मेरठ.मां-बाप सहित परिवार के 7 लोगों की हत्या करने वाली शबनम की डेथ वारंट के खिलाफ याचिका प्रेजीडेंट प्रणब मुखर्जी ने रिजेक्‍ट कर दी है। शबनम ने बेटे का वास्ता देकर राष्ट्रपति और राज्यपाल से क्षमादान मांगा था। 8 साल पहले की उस काली रात को नहीं बुला सका कोई शख्‍स...
- हसनुपर थाना क्षेत्र के गांव बावनखेड़ी में 14 अप्रैल 2008 की उस काली रात को आज तक गांव का कोई व्यक्ति भूल नहीं सका है।
- उस काली रात में एक ही परिवार के 7 लोगों की हत्या हुई थी। यह हत्या किसी और ने नहीं, बल्‍कि शबनम नाम की युवती ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर बड़े ही नृशंस तरीके से की थी।
- शुरू में शबनम पुलिस और गांव वालों को गुमराह करती रही, लेकिन जब पुलिस ने शक के आधार पर उसके प्रेमी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो घटना का सच सबके सामने आ गया था।
जानें कैसे हुई थी एक साथ 7 लोगों की हत्या

- वेस्ट यूपी के सबसे चर्चित इस हत्याकांड का जब पुलिस ने खुलासा किया तो सच जानकर हर कोई दंग रह गया।
- बावनखेड़ी निवासी शौकत और उसके परिवार के सात लोगों की हत्या हुई थी। इनमें एक मासूम भी शामिल था।
- पुलिस ने बताया कि हत्या किसी ओर ने नहीं शबनम ने अपने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर की थी।
- हत्या से पहले परिवार के सभी लोगों को चाय में नींद की दवा मिलाकर पिलायी गई।
- उसके बाद जब सब लोग दवा के असर से गहरी नींद में सो गए तब शबनम ने रात में करीब साढ़े दस बजे अपने प्रेमी को घर में बुला लिया।
-उसके बाद सलीम ने सोते हुए शौकत उसकी पत्नी, बेटे और बेटे की पत्नी समेत छह लोगों की कुल्हाड़ी से गला रेत कर हत्या कर दी।
- हत्या के दौरान शबनम टार्च की रोशनी दिखाती रही और सलीम एक-एक कर कुल्हाड़ी से वार कर हत्या करता चला गया।
- सात वीं हत्या शबनम ने अपने करीब डेढ़ साल के भतीजे की उस वक्त की जब सलीम घर से चला गया और उसका भतीजा रोने लगा।
- शबनम ने सलीम को फोन कर बताया कि उसका भतीजा रो रहा है, तब सलीम ने उससे कहा था कि गला घोंट कर हत्या कर दो।
- जिसके बार शबनम ने अपने भतीजे का गला घोंटकर हत्या कर दी।
रात में दो बजे मचाया था हत्या हो जाने का शोर

- घटना के रात तय योजना के अनुसार जब सलीम हत्या कर घर से निकल गया तब शबनम छत पर जाकर सो गई।
- उस रात बूंदाबंदी शुरू हो गई तो करीब दो बजे शबनम ने फोन पर सलीम को इसके बारे में बताया।
- पहले तो सलीम ने कहा कि चुपचाप छत पर ही रहो, सुबह नीचे आने पर शोर मचाना।
- लेकिन रात में बारिश तेज होने पर शबनम को पहले ही नीचे आना पड़ा। नीचे आते ही उसने शोर मचा दिया, जिसके बाद गांव के लोग वहां इकठ्ठा हो गए।
- शुरू में किसी को यकीं नहीं आया कि शबनम ने ऐसा किया होगा, लेकिन जब उनकी करतूत का सच सामने आया तो हर कोई शबनम को कोसने लगा।
भतीजे का गला घोटते समय कांप गए थे हाथ

- शबनम ने बताया था कि जब वह अपने भतीजे का गला दबा रही थी तब एक बार उसे दया आ गई थी।
- लेकिन अगले ही पल जब उसे लगा कि यदि उसने हत्या नहीं की तो वह पकड़ी जाएगी, तब उसने गला घोंट कर उसकी हत्या कर दी।
- पकड़े जाने पर शबनम ने कहा था कि उसके पास और कोई रास्ता नहीं था।
- उसके घर वाले दोनों की शादी के लिए तैयार नहीं थे। तब उसने सभी को रास्ते से हटाने की योजना बनायी थी।
- पहले होली के दिन सभी की हत्या की योजना थी, लेकिन उस दिन मौका नहीं मिला था।
हत्या के तरीके को देख पुलिस को हो गया था शक

- पुलिस जब घटना स्थल पर पहुंची और वहां पड़े शव देखे तो उसे घटना को लेकर शक हुआ।
- शबनम कह रही थी कि बाहर से आकर बदमाशों ने हत्या की, लेकिन शव देखकर नहीं लगता था कि हत्या के दौरान किसी तरह का विरोध हुआ।
- शव ऐसे चारपाई पर पड़े थे मानों वह सो रहे हो। चारपाई पर किसी तरह के संघर्ष या विरोध करने के निशान नहीं थे।
- तब पुलिस को शक हुआ था कि हत्या में किसी नजदीकी का ही हाथ है।
- यह शक इसलिए भी गहरा हो गया था क्यों कि जिस मकान में हत्या हुई उसमें अंदर आने के लिए केवल एक ही दरवाजा था। जिससे शबनम ने बंद कर सोने की बात कही थी।
छठी पास सलीम से हो गया था एमए पास शबनम को प्यार

- शबनम ने अपने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर हत्या केवल इसलिए कर दी क्योंकि उसके परिजन दोनों की शादी के लिए तैयार नहीं हो रहे थे।
- शबनम एमए पास थी और गांव के ही स्कूल में शिक्षा मित्र के रूप में तैनात थी।
- जबकि उसका प्रेमी सलीम छठी पास है, और उसकी पारिवारिक स्थिति भी ठीक नहीं है।
- पुलिस ने मोबाइल कॉल ट्रेस कर इस घटना का खुलासा किया था।
- जांच में पता चला था कि शबनम और सलीम के बीच फोन पर करीब एक साल में 900 बार बात हुई।
- शबनम को मोबाइल भी सलीम ने ही खरीद कर दिया था।
बेटे का वास्‍ता देकर मांगी थी दया याचिका
- मामला खुलने के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था।
- 15 जुलाई 2010 को अमरोहा के तत्कालीन जिला जज एए हुसैनी ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई थी।
- आरोपियों की फांसी की सजा को पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था।
- अमरोहा जिला जज ने दोनों का डेथ वारंट भी जारी कर दिया था।
- इसके बाद शबनम ने गवर्नर और प्रेजीडेंट से बेटे का वास्‍ता देकर फांसी से क्षमा की गुहार लगाई थी।


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