चंडीगढ़।करीब 2 साल पहले शिमला में 4 साल के मासूम बालक युग की फिरौती के लिए की गई हत्या को लेकर कई दिल दहला देने वाले खुलासे हुए हैं। 14 जून 2014 को अपहरण और 21 जून 2014 को पानी में डुबोकर हत्या तक इस मासूम को बहुत टॉर्चर किया गया था। हत्या से पहले आरोपी मासूम युग को सिगरेट से जलाते थे, महज उसकी चीख पुकार का मजा लेने के लिए। युग को आरोपियों ने शिमला के राजभवन के समीप एक घर में छिपा रखा था। जहां सात दिन तक उसे सिगरेट से टॉर्चर करने के बाद शराब पिलाकर बेड बाक्स में बंद कर दिया जाता था। पढ़ें क्या निकला अभी तक की जांच में...
तीन युवकों ने दिया वारदात को अंजाम
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- इस पूरी वारदात को किसी और ने नहीं बल्कि उसके पड़ोसियों ने ही अंजाम दिया।
-बच्चे को अपहरण करने के बाद वे उसके परिजनों से फिरौती की मांग कर रहे थे, जिसके लिए उन्होंने परिजनो को फोन भी किया था।
- सीआईडी जांच में पता चला है कि युग के पड़ोसी तेजेंद्र सिंह, विक्रांत और चंद्र ने इस वारदात को अंजाम दिया है।
- वारदात के दो साल बाद मंगलवार को गिरफ्तार हुए इन आरोपियों ने पूरी घटना के बारे में जो कहानी बताई वो बेहद खौफनाक है।
- आरोपियों के मुताबिक 14 जून 2014 को शिमला के भीड़भाड़ वाले रामबाजार से इन लोगों ने युग का अपहरण किया।
- इसके बाद 7 दिन तक तेजेंद्र साथियों के साथ मिलकर उसे प्रताड़ित करता रहा। तेजेंद्र युग को सिगरेट से दागता था। युग की चीखों पर आरोपी हंसते और खुश होते थे।
दिन में मासूम के पिता को ढाढस बंधाता था आरोपी
- एक तरफ आरोपी तेजेंद्र युग को किडनैप कर उसके ऊपर जुल्म ढा रहा था। वहीं दूसरी ओर वह इस मासूम के घर जाकर युग की माता-बहनों को ढाढ़स भी बंधाता था।
- इतना ही नहीं वो युग के पिता के साथ युग को खोजने और पुलिस थाने के चक्कर लगाकर सहानुभूति का ढोंग भी करता रहा।
-21 जून 2014 को उन्होंने युग को पत्थरों से बांधकर शिमला के कलिस्टन टैंक में डूबो दिया।
तेजेंद्र युग की बहनों को ट्यूशन भी पढ़ाता था।

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