इंटरनेशनल डेस्क.सीरिया की सिविल वॉर सिर्फ जमीन पर ही नहीं, बल्कि जेलों में भी लड़ी जा रही है। एमनेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक 2011 में शुरू हुए सिविल वॉर में अब तक सरकारी जेलों में 18 हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। यहां की जेलों में टॉर्चर झेल चुके 65 सर्वाइवर्स का इंटरव्यू लिया गया। इस पर बनाई गई रिपोर्ट के मुताबिक, जेल में कैदियों की पिटाई और रेप आम बात थी। टॉर्चर के ज्यादातर मामले कैदियों के छूटने के बाद ही सामने आ पाते हैं। रिफ्यूजियों को साइकोथैरेपी और फिजिकल थैरेपी देने वाली ऑर्गेनाइजेशन 'सेंटर फॉर विक्टिम्स ऑफ टॉर्चर' ने टॉर्चर के कई चौंकाने वाले मामलों की डिटेल सार्वजनिक की है।
ISIS जैसी क्रूर है सीरिया की आर्मी, पढ़िए टॉर्चर की खौफनाक कहानियां
इंटरनेशनल डेस्क.सीरिया की सिविल वॉर सिर्फ जमीन पर ही नहीं, बल्कि जेलों में भी लड़ी जा रही है। एमनेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक 2011 में शुरू हुए सिविल वॉर में अब तक सरकारी जेलों में 18 हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। यहां की जेलों में टॉर्चर झेल चुके 65 सर्वाइवर्स का इंटरव्यू लिया गया। इस पर बनाई गई रिपोर्ट के मुताबिक, जेल में कैदियों की पिटाई और रेप आम बात थी। टॉर्चर के ज्यादातर मामले कैदियों के छूटने के बाद ही सामने आ पाते हैं। रिफ्यूजियों को साइकोथैरेपी और फिजिकल थैरेपी देने वाली ऑर्गेनाइजेशन 'सेंटर फॉर विक्टिम्स ऑफ टॉर्चर' ने टॉर्चर के कई चौंकाने वाले मामलों की डिटेल सार्वजनिक की है।

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