जयपुर.जाली नोटों के बाद अब 10 रुपए के नकली सिक्के भी बाजार में है। राजस्थान-यूपी बॉर्डर के गांव - शहरों के अलावा, जयपुर में भी कई जगहों पर लोगों ने 10 रुपए के सिक्कों के लेनदेन पर रोक लगा दी है। 10 रुपए के असली-नकली की पहचान में दिक्कत आने के बाद आम लोग और छोटे व्यापारियों ने इसे चलन से बाहर किया है। नकली सिक्कों से जुड़ी सच्चाई जानने के लिए भास्कर टीम ने 750 किलोमीटर का सफर किया और हकीकत से रूबरू हुए तो 10 रुपए के सिक्कों से जुड़े दर्जनों विवाद सामने आए। पड़ताल में इन नकली सिक्कों की कहीं पर भी टकसाल तो नहीं मिली लेकिन संदिग्ध और नकली सिक्के जरूर मिले। ऐसे बने होंगे ये जाली सिक्के ?
- आरबीआई से जुड़े एक्सपर्ट्स का कहना है कि नकली नोट बनाने से 100 गुना ज्यादा आसान होता है नकली सिक्के तैयार करना।
- दरअसल इसके लिए एक लोहे की डाई तैयार की गई होगी। एक सांचे में मेटल को लिक्विड के रूप में डाला गया है, दूसरी सांचे का उस पर दबाव बनाकर जाली सिक्का तैयार किया जा सकता है।
- एक सिक्का तैयार होने में करीब 15 सेकंड का समय लगा होगा। छोटी सी जगह पर ये काम संभव है।
- नकली सिक्कों में क्या - क्या मेटल यूज हुआ। ये जांच का विषय है।

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