जोधपुर.मुनाबाव व खोखरापार के रास्ते भारत व पाकिस्तान को जोड़ने वाली थार एक्सप्रेस में इस बार यात्री कम सफर करेंगे, यह तय है। ट्रेन शुक्रवार देर रात एक बजे भगत की कोठी स्टेशन से रवाना होती है। आम तौर पर हर बार इस ट्रेन के लिए गुरुवार रात तक आधी से ज्यादा बर्थ बुक हो जाती है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से भारत व पाकिस्तान के रिश्तों में आई खटास के चलते गुरुवार की रात तक महज 59 पैसेंजर्स ने ही ट्रेन में रिजर्वेशन करवाया। 500 बर्थ इस बार सिर्फ 59 हुई बुक, पढ़ें कैसे शुरू हुई थी ये ट्रेन..
- सप्ताह में एक दिन चलने वाली थार एक्सप्रेस को लेकर गुरुवार को सुरक्षा एजेंसियों के साथ रेलवे के अफसर भी नजर बनाए रहे।
- ट्रेन में यात्रियों की बुकिंग को लेकर अपडेट लिया गया। गुरुवार रात आठ बजे टिकट काउंटर बंद हुआ तो 441 बर्थ खाली थी।
- यह स्थिति अब है जबकि पहले दोनों देशों के बीच पैसेंजर्स की आवाजाही इस कदर बढ़ गई थी कि रेलवे को ट्रेन के पांच कोच से बढ़ाकर सात और फिर 9 व 11 तक करने पड़े थे।
- थार एक्सप्रेस के कैंसल होने की आशंकाओं के बीच डीआरएम राहुल कुमार गोयल ने बताया कि फिलहाल ऐसे कोई ऑर्डर नहीं हैं।
- रेलवे बोर्ड इस ट्रेन को लेकर कोई ऑर्डर देगा तो उसी के मुताबिक काम किया जाएगा।
पिछली बार गए थे 291
- सात कोच की इस ट्रेन में 500 यात्री सफर कर सकते हैं। बीते शुक्रवार को भगत की कोठी से 291 यात्री पाकिस्तान गए थे तो पाकिस्तान से लौटने वालों की संख्या 505 थी।
- इसके बाद उड़ी घटना के बाद रेलवे के टिकट काउंटर पर गिने-चुने यात्री ही टिकट लेने पहुंच रहे हैं।
पढ़ें कैसे शुरू हुई थी ये ट्रेन..
- दोनों देशों के बीच आजादी के 41 साल बाद रेल लाइन को जोड़कर दोस्ती की ट्रेन चलाई गई थी।
- बीते दस साल में दोनों देशों के बीच रिश्तों को लेकर कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन इस ट्रेन पर कोई असर नहीं पड़ा।
- बाड़मेर जिले में बाढ़ के कारण जरूर 19 अगस्त 2006 से 17 फरवरी 2007 तक इसके 27 फेरे रद्द कर दिए गए थे।
- बॉर्डर पार करते वक्त ट्रेन के साथ हथियारों से लैस जवान तैनात रहते है। जगह-जगह पर आर्मी इसकी निगरानी करती है।
कितने दिन चलती है ट्रेन
- हफ्ते में एक दिन चलने वाली इस रेल से सैकड़ों यात्री एक देश से दूसरे देश जाते हैं।
- कई बार यात्री संख्या एक हजार से अधिक होने पर अतिरिक्त डिब्बे लगाने पड़ते हैं।
- जोधपुर से चल कर यह रेल पाकिस्तान सीमा के निकट भारत के अंतिम रेलवे स्टेशन मुनाबाव तक जाती है।
- वहां पर सभी यात्रियों की कस्टम जांच की जाती है।
- मुनाबाव से निकलते ही पाकिस्तान ने अपने अंतिम रेलवे स्टेशन खोखरा पार से पहले सीमा के बिलकुल निकट जीरो पाइंट पर एक रेलवे स्टेशन बना रखा है।
- जीरो स्टेशन व मुनाबाव के बीच लिंक एक्सप्रेस चलती है।

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