रात में वीरान होता है ये इलाका, कंधे पर हाथ रख अदृश्य शक्ति कहती है चले जाओ


जैसलमेर। आपको बेहद जानकर आश्चर्य होगा कि जैसलमेर के एक प्राचीन गांव में दिन में खूब रौनक रहती है, वहीं रात होते ही यहां आत्माएं अपना डेरा जमा लेती हैं। इस बात की सच्चाई का प्रमाण पैरानॉर्मल एक्टिविटीज का पता लगाने वाली संस्था भी दे चुकी है। जानिए इस गांव में रात के वक्त आत्माएं क्यो जमा लेती हैं डेरा…

27 सितंबर को वर्ल्ड टूरिज्म डे है। ऐसे में आपको राजस्थान एक ऐसे गांव से रूबरू करा रहा है जहां दिन में सैलानी घूमते नजर आते हैं वहीं अंधेरा होते ही इस गांव की सीमा में कोई जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाता है। राजस्थान सरकार और कुछ प्राइवेट कंपनियां यहां टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पर्यटकों की सुविधाओं पर भी काम कर रही हैं।
साइंस भी कहती है, यहां कुछ तो है…
- हम जैसलमेर से करीब 18 K.M. दूर भुतहा गांव कुलधरा की बात कर रहे हैं।
- पैरानॉर्मल एक्टिविटीज पर काम करने वाली संस्था पैरानॉर्मल सोसायटी के मेंबर्स भी ये मान चुके हैं कि यहां कुछ तो है।
- उनके आधुनिक डिवाइस भी इस बात का संकेत दे चुके हैं।
- इस स्थान की सच्चाई को जानने के लिए दिल्ली की पेरानॉर्मल सोसायटी की टीम यहां रात बिता चुकी है।
- आधुनिक उपकरण और रूहानी ताकतों को पहचानने वाले उनके यंत्रों ने साबित किया था कि यहां कुछ तो है जो रात में किसी को आने नहीं देना चाहती है।
- यहां रात में तापमान ऐसे फ्लक्चुएट होता है कि आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते हैं।
- एक सदस्य ने तो यहां तक बताया कि उसके कंधे पर किसी अदृश्य शक्ति ने हाथ रख दिया था।
- वो वहां से चले जाने के लिए वॉर्न कर रही थी।


EmoticonEmoticon

.......