बयाना(राजस्थान).भरतपुर शहर के पास खेड़ली गड़ासिया के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल की तीन स्टूडेंट्स दूसरे दिन भी बेहोश हो गई। तीनों छात्राओं का भरतपुर में उपचार कराया गया है। दूसरी ओर, छात्राओं के लगातार बेहोश होने की घटना से ग्रामीणों में गुस्सा फैल गया। लोगों का मानना है की इस स्कूल के एक कमर में भूत है। हालात को देखते हुए स्कूल प्रशासन ने बारहवीं कक्षा के कमरा नंबर छह को बंद कर बारहवीं कक्षा को दूसरे कमरे में बैठाने की व्यवस्था की है।क्या है पूरा मामला...
- ग्रामीणों के अनुसार मंगलवार को तीन स्टूडेंट्स बबीता, सपना व पिंकी की तबीयत खराब हुई। इनमें बबीता व सपना की सोमवार को भी तबीयत खराब हो गई थी।
- प्रिंसिपल के मुताबिक दोनों छात्राएं मंगलवार को स्कूल नहीं आई तथा घर पर ही परेशानी होने पर उन्हें परिजन सीधे स्वास्थ्य केन्द्र ले गए।
- जबकि तीसरी छात्रा पिंकी दोनों बालिकाओं को देखने स्वास्थ्य केंद्र पर गई थी। वह दोनों छात्राओं को देखकर बेहोश हो गई।
- बेहोश होने वाली सभी छात्राएं बारहवीं कक्षा की हैं। वहीं सोमवार को बीमार हुई अधिकांश छात्राओं की हालत में सुधार बताया गया है।
- दूसरी ओर, लगातार दूसरे दिन भी छात्राएं बेहोश होने व तबीयत बिगड़ने पर ग्रामीण स्कूल परिसर में एकत्रित हो गए।
- कुछ ग्रामीणों का कहना था कि बारहवीं कक्षा कमरा संख्या छह में बैठती है। उसी में यह परेशानी है, इसलिए इस कमरे में भूत प्रेत का साया हो सकता है।
कमरा नंबर 6 बंद, 12वीं दूसरे कमरे में लगेगी
- स्कूल प्रशासन ने फिलहाल की स्थिति को देखते हुए मंगलवार को बारहवीं कक्षा के कमरा नंबर छह को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।
- हालात सामान्य होने तक बुधवार से बारहवीं कक्षा को किसी दूसरे कमरे में बिठाने की व्यवस्था की गई है।
धर्मगुरु : स्कूल के किसी विशेष कमरे में भूत प्रेत का साया होना ग्रामीणों का अंधविश्वास मात्र है। कारण कुछ और ही है। आचार्य रामानुजानंद के मुताबिक श्रीमदभागवत गीता जैसे शास्त्रों में भूत की योनि का उल्लेख मिलता है, लेकिन किसी को परेशान करने का उल्लेख नहीं मिलता। वह भी वहां जहां सालों से कक्षा लग रही हो। रामानुजानंद के मुताबिक यह केवल ग्रामीणों का वहम मात्र है।
डॉक्टर: आरबीएम अस्पताल के फिजीशियन डा. गजेंद्र सिंह का कहना है कि किसी स्थान पर सालों से गोबर पड़ा हो या गंदगी जमा हो और वहां पानी पड़ जाए तो जहरीली गैस जैसे मीथेन, हाइड्रोजन व कार्बन-मोनो ऑक्साइड निकलती हैं। इस स्थान पर यदि व्यक्ति कुछ देर ठहर जाता है तो उसे बेहोशी आ सकती है और बेहोश होकर गिरने पर उसे जल्दी ही दूर नहीं किया जाए तो मौत भी हो सकती है।

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