इस मां ने जिंदा बेटी को थैले में डाल फेंक दिया था नाले में, अब मिली ऐसी सजा


भोपाल/जबलपुर। बहुचर्चित आरोही हत्याकांड की जिला सत्र न्यायालय में सुनवाई पूरी हो गई है। दिल दहला देने वाले इस मामले में 6 माह की बच्ची की हत्या का आरोप उसकी ही मां पर था। बुधवार को अपना फैसला सुनाते हुए एडीजे राजीव श्रीवास्तव की अदालत ने हत्यारिन मां को उम्रकैद की सजा सुनाई है। पढ़ें क्या था पूरा मामला...



जेल से कोर्ट जाते वक्त इस हत्यारी मां ने महिला टीआई और एसआई से कहा था कि मैं आज रिहा होने वाली हूं।
- रिहाई की खुशी में रितु ने अपने दोनों हाथों में मेहंदी लगा रखी थी। मांग में सिंदूर, हाथों में चूड़ियां पहनकर रितु खुशी-खुशी कोर्ट पहुंची थी।
- बेटी की हत्या का अफसोस उसके चेहरे पर जरा भा नजर नहीं आ रहा था।
यह आया फैसला...
- जिला न्यायालय जबलपुर के अपर सत्र न्यायाधीश राजेश श्रीवास्तव ने धारा 302 के तहत हत्यारिन मां रितु आहूजा (26) जैक्सन कंपाउंड, सिविल लाइन को उम्रकैद की सजा और 5 हजार रुपए जुर्माना से दंडित किया है।
- सरकारी वकील एलएस ठाकुर के अनुसार, मां ने अपनी अबोध बेटी को 7 सितम्बर 2014 को जिंदा नयागांव के नाले मे फेंक दिया था।
- इससे उसकी मौत हो गई थी। बेटी को ले जाते वह एक ब्यूटी पार्लर के CCTV कैमरे में आ गई थी।
पहले दिन से ही संदेहास्पद थे मां के बयान
-7 सितम्बर 2014 को सिविल लाइन्स थानांतर्गत जैक्सन कम्पाउंड में रहने वाले सुशील आहूजा की 6 माह की बेटी आरोही रहस्यमय तरीके से घर से लापता हो गई थी।
-घटना के पहले दिन से ही लापता बच्ची की मां रितु के बयान संदेहास्पद नजर आ रहे थे, जिससे यह सनसनीखेज मामला उलझता चला गया था।
- घटना के दसवें दिन सुबह पुलिस ने रितु को हिरासत में लिया और उससे सख्ती से पूछताछ की।
- करीब एक घंटे चली पूछताछ में रितु ने पूरी घटना का सच उगल दिया था।

बेबी बैग में ले जाकर फेंका था नाले में
- इस मामले में जांच कर रही पुलिस ने सभी चौराहों के सीसीटीवी कैमरों की जांच की थी।
- जबलपुर के रामपुर क्षेत्र के एक सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग ने मां को संदेह के घेरे में ला दिया था।
-दरअसल जब रितु से घटना वाले दिन की दिनचर्या के बारे में पुलिस ने पूछताछ कर उसे क्रॉस चेक किया तो सच्चाई सामने आ गई।
-बताए समय पर वह एक बेबी बैग के साथ घर से जाते हुए तो दिखी, लेकिन आते वक्त बैग साथ में नहीं था। यहीं से पुलिस का शक पुख्ता हो गया था।
-फुटेज के आधार पर पुलिस ने रितु से पूछताछ की और आखिरकार उसने अपना जुर्म कबूल करते हुए आरोही को बरगी हिल्स ले जाकर जीवित अवस्था में एक नाले में फेंकना स्वीकार किया था।
-बयानों के आधार पर पुलिस ने 16 सितंबर को रितु को आरोही की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर घटनास्थल से 6 माह की बच्ची का शव बरामद किया था।

फुटेज साबित हुआ अहम सबूत
-इस मामले में 16 सितंबर 2014 से ही गिरफ्तार रितु आहूजा की हाईकोर्ट से दो बार जमानत अर्जी खारिज हो चुकी थी।
-पुलिस द्वारा पेश किए गए चालान पर जिला सत्र न्यायालय में 23 सितंबर 2016 को अंतिम सुनवाई हुई।
-आरोपी रितु आहूजा की ओर से अधिवक्ता नरेन्द्र निखारे और राज्य सरकार की ओर से एजीपी एलएस ठाकुर ने पक्ष रखा।
-प्रकरण से संबंधित साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अदालत ने हत्यारिन मां को उम्र कैद की सजा सुनाई।


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