जिसे समझा बच्ची का किडनैपर वो निकला सौतेला भाई, सामने आई सच्चाई


रायपुर। राजधानी के कबीर नगर स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से कथित तौर पर गायब हुई पांच साल की बच्ची को पुलिस ने 30 घंटे के अंदर खोज निकाला। इसके साथ ही बच्ची के पिता राजकुमार के दो महिलाओं से रिश्तों का राज भी खुल गया। कहानी की शुरुआत में विलेन नजर आ रहा 13 साल का किशोर ही असली हीरो निकला।जानिए क्या है पूरी कहानी...
पहले जानिए क्या था मामला
- कबीर नगर स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने वाली मंजू साहू ने रविवार दोपहर पुलिस को 5 साल की बेटी लाडो के गायब होने की सूचना दी।
- मानव तस्करी, अपहरण जैसे संगीन अपराधों के शक में पुलिस तत्काल सक्रिय हो गई।
- कॉलोनी के मेन गेट से लेकर आसपास के संभावित सभी रास्तों में लगे कैमरों के सीसीटीवी फुटेज जांचे गए।
- हीरापुर अंडरब्रिज के पास लगे कैमरे के फुटेज में एक 12-13 साल का लड़का बच्ची को साइकिल में बिठाकर बड़े आराम से जाते हुए दिखाई दिया।
- पुलिस को अपहरण के किसी शातिर गिरोह का हाथ होने का शक बढ़ गया।
- लेकिन जब आगे के और भी घरों, चौक-चौराहों पर लगे कैमरों की जांच की गई तो करीब 30 घंटे की मशक्कत ने पुलिस को उस घर में पहुंचा दिया जहां बच्ची मौजूद थी।
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कहां थी बच्ची
- पुलिस ने जब पूरी तैयारी के साथ घर में दबिश दी तो बच्ची बड़े आराम से टीवी देख रही थी।
- फुटेज में दिख रहा वह लड़का और उसकी मां भी वहीं मिले। पूछताछ शुरू हुई तो असली कहानी सामने आ गई।
- लड़के का नाम हर्ष है और वह लाडो का सौतेला भाई है। वह अपनी बहन को खेलने के लिए अपने घर ले गया था। अपहरण जैसा कोई गलत इरादा तो था ही नहीं।
खुल गया राजकुमार का राज
- दरअसल राजकुमार की पहली शादी मधु से हुई थी, जिससे उसका बेटा हर्ष (13) है।
- पहली के पांच-छह साल बाद उसका प्रेम-प्रसंग मंजू से हुआ तो उसे भी पत्नी बनाकर कबीर नगर स्थित घर में रख लिया।
- मंजू को मधु के के बारे में पता था लेकिन मधु को पति की दूसरी पत्नी के बारे में जानकारी नहीं थी।
- इसमें इंटरेस्टिंग फैक्ट ये भी है कि राजकुमार अपनी दूसरी पत्नी मंजू को भी मधु ही बुलाता था।
- राजकुमार अधिक समय मंजू के घर बिताता। जब मधु से मिलने जाता तो लाडो को साथ ले जाता और उसे दोस्त की बेटी बताता।
- मधु के घर जाते-जाते हर्ष से उसकी अच्छी जमने लगी थी। हर्ष लाडो को बहन की तरह दुलारता-प्यार करता था।
- कुछ महीने पहले हर्ष को समझ में आने लगा कि उसके पिता की एक और पत्नी है और लाडो उसकी सौतेली बहन है।
- हालांकि उसके मन में सौतेलेपन का कोई भाव नहीं था, वह संडे के दिन अपनी मर्जी से बच्ची को लेकर सात किलोमीटर दूर अपने घर ले गया था।
पुलिस को किया गुमराह
- बच्ची जब गायब हुई तो लाडो का पिता राजकुमार दिल्ली में था।
- उसे पुलिस ने जब लड़के का वीडियो भेजा तो उसने जानबूझकर उसे पहचानने से इनकार कर दिया।
- दरअसल, वह इस कोशिश में था कि वह रायपुर लौटते ही पहली पत्नी के घर से बच्ची को ले आएगा और लाडो की मां को बता देगा कि बच्ची को उसने ढूंढ लिया है।
- लेकिन उससे पहले ही पुलिस बच्ची तक पहुंच गई। राजकुमार को और मंजू पर पुलिस को बरगलाने का केस दर्ज किया गया है।
- पूरे शहर में अपहरण की जगह अब मानवीय संबंधों के ताने-बाने और सौतेले भाई-बहन के प्यार की चर्चा हो रही है।


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