बहू के लिए लोगों के घरों में सास करती है झाड़ू-पोछा, खुद बनाकर देती है टिफिन


कोटा. राजस्थान के कोटा के अनंतपुरा की रहने वाली 47 साल की गीता बाई को हमेशा से यही दुख था कि न तो वह खुद पढ़ पाई और आर्थिक संकट के चलते अपनी बेटी को भी नहीं पढ़ा पाई। लेकिन, 5 महीने पहले जब बेटे की शादी की और बहू ने आगे पढ़ने की इच्छा जताई तो गीताबाई ने उसे आगे पढ़ाने के लिए तुरंत हामी भर दी। बहू को पढ़ाने के लिए करने लगी झाड़ू-पोछा...
- 20 साल की बहू रूमाली 11वीं तक पढ़ी थी कि शादी हो गई। गीता ने ठान लिया कि बहू की जरूर पढ़ाएगी।
- पहले तो समाज की लाज शर्म के चलते पति और अपने बेटे से बात करने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। लेकिन, फिर दोनों से बात की और उन्हें राजी कर लिया।
- इसके बाद फिर वही संकट आ खड़ा हुआ, पैसे का। लेकिन, गीता ने बहू को पढ़ाने के लिए फैसला किया कि और ज्यादा घरों में झाड़ू-पोछा करेगी।
- फिर रूमाली का एडमिशन प्राइवेट स्कूल की 12वीं क्लास में करवा दिया।
बहू को टिफिन तैयार कर देती है सास

- गीता बाई रोज अपनी बहू को यूनिफॉर्म और टिफिन तैयार कर देती है।
- तीसरी क्लास में पढ़ने वाली छोटी ननद के साथ रूमाली स्कूल जाती है।
- पैसे की कमी होने के बावजूद प्राइवेट स्कूल में एडमिशन के सवाल पर गीता बताती हैं कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई नहीं होती, इसलिए बहू को आर्थिक तंगी के बावजूद निजी स्कूल में पढ़ा रहे हैं।
- वे चाहती हैं कि बहू एक दिन पढ़ लिखकर अपने पैरों पर खड़ी हो।

छोटी ननद को भी पढ़ाती है रूमाली

- बहू रुमाली की छोटी ननद कक्षा तीसरी में पढ़ती है। रुमाली खुद भी पढ़ती है और उसे भी पढ़ाती है।
- रुमाली के स्कूल जाने से पूरा परिवार खुश है। गीता के इस कदम पर इनरव्हील क्लब ने उन्हें सम्मानित भी किया है।
- अध्यक्ष स्वाति गुप्ता व सचिव प्रीति अग्रवाल ने बताया कि जब उन्हें इसका पता चला तो वे भी अचंभित हुई थीं।


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