धोनी के बड़े भाई ने FB पर बयां किया दर्द, फिल्म में न दिखाए जाने पर भी बोले


रांची। क्रिकेटर एमएस धोनी के बड़े भाई नरेंद्र सिंह फेसबुक पर अपना दर्द बयां कर रहे हैं। असल में धोनी की बायोपिक 'एमएस धोनी- द अनटोल्ड स्टोरी' में उनके मां-पिता और बहन हैं। फ्रेंड्स भी हैं, लेकिन बड़े भाई नरेंद्र नहीं हैं। इस कारण उन्होंने फेसबुक पर अपनी भावनाओं का खुलकर इजहार किया है।तीन स्टेटस अपडेट...

- नरेंद्र ने 2 दिन में 3 स्टेटस अपडेट किए हैं, जिसमें पुरानी यादों, शोहरत और नाकामी की चर्चा है।
- पहला स्टेटस10 अक्टूबर की सुबह अपडेट किया गया है, जिसमें लिखा है - ताल्लुक कौन रखता है किसी नाकाम से लेकिन, मिले जो कामयाबी, सारे रिश्ते बोल पड़ते हैं। मेरी खूबी पे रखते हैं यहां अहले जुबां खामोश, मेरे एबों पे चरचा हो तो गूंगे भी बोल पड़ते हैं।

- दूसरा स्टेटस : 11 अक्टूबर की सुबह : यादों की कीमत वो क्या जानें, जो खुद यादों को मिटा दिया करते हैं। यादों की कीमत उनसे पूछिए, जो यादों के सहारे जिया करते हैं।

- तीसरा स्टेटस :11 अक्टूबर की रात: जमीं पर रह कर आसमां को छूने की फितरत है मेरी, पर गिरा कर किसी को, ऊपर उठने का शौक नहीं मुझे...।

- इनके एक स्टेटस पर सिद्धार्थ वर्मा ने कमेंट भी किया है -माही आपका छोटा भाई है। जितना करेगा आपको उतना गर्व होगा। आखिर भाई तो भाई ही होता है। अाप बड़े हो, वो अापके सामने हमेशा छोटा ही रहेगा, चाहे जितना भी कर ले।
- एक कमेंट कामिल मेहर का है -मूवी में आपको नहीं दिखाए जाने का हम खुला विरोध करते हैं और दुख में आपके साथ खड़े हैं। रियली हर्टिंग।
नरेंद्र सिंह धोनी ने फिल्म के निर्माता को बताया जिम्मेदार
- दैनिकभास्कर डॉट कॉम ने इस बारे में नरेंद्र सिंह धोनी से बातचीत की। ​उन्होंने बताया कि उन्होंने फिल्म देखी लेेकिन माही की ज़िंदगी में उनका कुछ खास योगदान कभी नहीं रहा।
- शायद यही एक कारण हो सकता है कि उन्हें फिल्म में बिल्कुल भी नहीं दिखाया गया। जब माही ने रांची में क्रिकेट खेलना शुरू किया था तो उस समय नरेंद्र सिंह धोनी अपनी पढ़ाई के लिए रांची से बाहर चले गए थे।
- एक पुरानी याद का जिक्र करते हुए नरेंद्र सिंह धोनी कहते हैं कि एक बार छुट्टियों में वे रांची स्थित घर पर थे। धोनी ने एक सीनियर टूर्नामैंट के दौरान एक ओवर में 5 चौके मारे थे। उस मैच के दौरान वह वहां मौजूद थे।
- नरेंद्र मानते हैं कि उन दोनों के बीच रिश्ते आम भाइयों की तरह ही हैं। नरेंद्र को अपने भाई पर गर्व है। नरेंद्र सिंह धोनी फुटबॉल खेला करते थे। कई नेशनल लेवल के मैचों में उन्होंने स्कूल टीम की ओर से खेला है।
- जब नरेंद्र सिंह धोनी से यह पूछा गया था कि क्यों उन्हें फिल्म में नहीं दिखाया गया तो उनका इसपर सीधा सा जवाब था कि यह निर्णय फिल्म के निर्माता का था। इसमें मैं क्या कह सकता हूं।
- नरेंद्र सिंह धोनी रांची में ही रहते हैं लेकिन अब दोनों भाईयों की राहें जुदा हैं। दोनों विभिन्न जगहों पर अलग - अलग घर में रहते हैं।


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